Sunday, May 2, 2010

यादें


एक तेज धारा सी बही जाती रही यादें वही,

जो कभी किसी के अश्रु का कारन बनी यादे वही,

जो कभी किसी के चहरे पे दे गयी खुशिया यादे वही है,

नया रूप सज्जा नया पर पुरानी है यादे वही,

एक याद को हम याद करके याद में रोते रहे,

एक यादही तो थी वही जिसके सहारे जीते रहे,

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